Shyam StutiShyam Stuti
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विश्वकर्मा पूजा

Dedicated to Vishwakarma.

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1
ॐ विश्वकर्मणे नमः।
2
ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।
3
दिग्भुजा चारु दर्शनांग, ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद अथर्वण चारि वेद नाम।
4
कला कौशल विज्ञान, शिल्पी गुरु विश्वकर्मा।
5
सर्व सिद्धिं देहि देहि, विश्वकर्मा नमोस्तुते।

Meaning & Translation

Verse 1
Salutations to Lord Vishwakarma.
Verse 2
Hail Lord Vishwakarma, Hail Lord Vishwakarma.
Verse 3
He has many arms and a beautiful appearance, known through the four Vedas: Rigveda, Yajurveda, Samaveda, and Atharvaveda.
Verse 4
The master of arts, skills, and science, the Guru of craftsmen, Vishwakarma.
Verse 5
Grant all accomplishments, O Vishwakarma, salutations to you.

Spiritual Benefits

विश्वकर्मा पूजा करने से व्यवसाय में वृद्धि, औजारों और मशीनों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। यह पूजा शिल्पकारों, इंजीनियरों और कारीगरों को अपने कार्य में सफलता और निपुणता प्राप्त करने में मदद करती है, साथ ही उनके जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।

Frequently Asked Questions

विश्वकर्मा पूजा क्यों मनाई जाती है?

विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा की जयंती के रूप में मनाई जाती है, जिन्हें ब्रह्मांड का दिव्य वास्तुकार और सभी देवताओं के महल, हथियार और रथों का निर्माता माना जाता है। यह पूजा कारीगरों, इंजीनियरों, शिल्पकारों और औद्योगिक श्रमिकों द्वारा अपने औजारों और मशीनों की सुरक्षा, कार्य में सफलता और समृद्धि के लिए की जाती है।

विश्वकर्मा पूजा में क्या प्रसाद चढ़ाना चाहिए?

विश्वकर्मा पूजा में विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से मिठाई (लड्डू, पेड़ा), फल (केला, सेब), पंचामृत, नारियल, पान-सुपारी और मौसमी फल शामिल हैं। पूजा के बाद इन प्रसादों को भक्तों में बांटा जाता है।

विश्वकर्मा पूजा में औजारों की पूजा कैसे करें?

विश्वकर्मा पूजा के दिन अपने सभी औजारों, मशीनों और उपकरणों को साफ करके एक स्थान पर रखें। उन पर गंगाजल छिड़कें, हल्दी-कुमकुम का टीका लगाएं, फूल चढ़ाएं और धूप-दीप प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा के मंत्रों का जाप करते हुए अपने कार्यक्षेत्र की उन्नति और औजारों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें।